नागरिकता कानून से अंजान है विराट कोहलीः जवाब देने से किया इंकार

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पैगाम ब्यूरोः पूरा देश नागरिकता संशोधन कानून (सीएए), एनआरसी और एनपीआर के मुद्दे पर उलझा हुआ है. विरोध और समर्थन में देश भर में रैली और सभाओं का आयोजन हो रहा है. नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन में कई लोगों की जान तक जा चुकी है, लेकिन भारतीय कप्तान विराट कोहली को इसके बारे में कुछ जानकारी ही नहीं है.

शनिवार को जब विराट कोहली से नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) पर सवाल किया गया तो उन्होंने इस पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया. गुवाहाटी में रविवार को श्रीलंका के खिलाफ होने वाले टी-20 मैच से पहले कोहली ने कहा कि इस मसले पर मैं गैरजिम्मदार नहीं होना चाहता है और ऐसा कुछ नहीं कहना चाहता हूं जिस पर दोनों पक्षों की आम राय न हो. मुझे इसके बारे में संपूर्ण जानकारी होनी चाहिए कि इसका क्या मतलब है और इसको लेकर क्या चल रहा है और इसी के बाद मुझे इस पर बयान देने के लिये जिम्मेदार होना चाहिए. 

विराट कोहली ने यह बताने की कोशिश कि वह जिस विषय के बारे में ज्यादा नहीं जानते उस पर टिप्पणी करके खुद को विवादों में नहीं घसीटना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि क्योंकि आप एक बात कह सकते हैं और उसके बाद कोई दूसरी बात कह सकता है. इसलिए मैं ऐसी किसी चीज में नहीं पड़ना चाहता जिसकी मुझे पूरी जानकारी न हो और इस पर टिप्पणी करना मेरे लिहाज से जिम्मेदारी भरा नहीं होगा.

बता दें कि विराट कोहली ने 2016 में नोटबंदी को भारतीय राजनीति का सबसे महत्वपूर्ण कदम बताया था, जिसके लिये उन्हें आलोचना भी झेलनी पड़ी थी और लोगों ने इस विषय पर उनकी जानकारी को लेकर सवाल भी उठाये थे. नागरिकता कानून के खिलाफ गुवाहाटी में कुछ दिन पहले बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन हुए थे और ऐसे में भारतीय कप्तान से जब इस संबंध में सवाल किया गया तो उन्होंने जवाब देने बचने की कोशिश की.

कोहली गुवहाटी में किये गये सुरक्षा व्यवस्था से संतुष्ट नजर आये. उन्होंने कहा कि शहर पूरी तरह से सुरक्षित है. हमने सड़कों पर किसी तरह की परेशानी नहीं देखी. बता दें कि नागरिकता कानून के खिलाफ सबसे पहली और सबसे जोरदार आवाज असम से ही बुलंद हुई थी. असम में हुए विरोध प्रदर्शन में कई लोगों की जान भी जा चुकी है.

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