बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी में अब पढ़ायी जायेगी भूत विद्या

Must Read

ममता का एलानः एक जून से खुल जायेंगे सभी धार्मिक स्थल

पैगाम ब्यूरोः पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एलान किया है कि राज्य के सभी धार्मिक स्थल 1...

कोरोना के बाद शाहरुख और गौरी ने तूफान से तबाह हुए लोगों की मदद की उठायी जिम्मेदारी

पैगाम ब्यूरोः देश में लॉकडाउन में परेशान लोगों की मदद के लिए बॉलीवुड के कई सितारों ने काफी बढ़-चढ़...

ब्रिटेन में हिजाब पहनने वाली पहली मुस्लिम महिला जज बनीं राफिया अरशद

पैगाम ब्यूरोः यूरोप के देशों में मुस्लिम महिलाओं के हिजाब पहनने पर अक्सर विवाद होता है. यूरोप में हिजाब...

पैगाम ब्यूरोः अगर आप भूतों की दुनिया, अलौकिक या अप्राकृतिक रूप से रहस्यमयी दुनिया की हैरतअंगेज बातों को जानने को उत्सुक हैं. तो अब आप बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (बीएचयू) में ‘भूत विद्या’ का अध्ययन कर सकते हैं.  बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी  इस विषय पर छह महीने का सर्टिफिकेट कोर्स शुरू कर रहा है. भूत विद्या एक मनोचिकित्सा है और छह महीने के सर्टिफिकेट कोर्स में, डॉक्टरों को मनोचिकित्सा संबंधी विकारों और असामान्य कारणों से होने वाली असामान्य मनोवैज्ञानिक स्थितियों के इलाज के लिए उपचार और मनोचिकित्सा के बारे में सिखाया जाएगा, जिसे कई लोग भूत की वजह से होना मानते हैं.

पहले बैच की क्लास जनवरी से शुरू होगी और आयुर्वेद संकाय द्वारा संचालित की जायेगी. ‘भूत’ के कारण होने वाले मानसिक विकारों और बीमारियों का इलाज बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी (बीएएमएस) और बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी (एमबीबीएस) डिग्री धारकों को सिखाया जायेगा. आयुर्वेद संकाय की डीन यामिनी भूषण त्रिपाठी ने बताया कि ब्रांच के बारे में डॉक्टरों को औपचारिक शिक्षा प्रदान करने के लिए आयुर्वेद संकाय में भूत विद्या की एक अलग इकाई बनायी गई है.

उन्होंने कहा कि यह भूत-संबंधी बीमारियों और मानसिक विकारों के इलाज के आयुर्वेदिक उपचार से संबंधित है. यामिनी भूषण त्रिपाठी ने आगे कहा कि भूत विद्या अष्टांग आयुर्वेद की आठ बुनियादी शाखाओं में से एक है. यह मुख्य रूप से मानसिक विकारों, अज्ञात कारणों और मन या मानसिक स्थितियों के रोगों से संबंधित है. बीएचयू में आयुर्वेद संकाय, भूत विद्या की एक अलग इकाई बनाने और विषय पर एक सर्टिफिकेट कोर्स डिजाइन करने वाला देश का पहला संकाय है.

इस आयुर्वेद शाखा के लिए छह महीने पहले एक अलग इकाई स्थापित करने के प्रयास शुरू हुए थे. संकाय में सभी 16 विभागों के प्रमुखों की बैठक के बाद इस प्रस्ताव का मसौदा तैयार किया गया था. फिर यह प्रस्ताव यूनिवर्सिटी की अकादमिक परिषद को भेजा गया, जिसने अष्टांग आयुर्वेद की बुनियादी शाखाओं में से एक पर एक अलग इकाई और एक प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम को मंजूरी दी.

संकाय में एसोसिएट प्रोफेसर आयुर्वेद वैद्य सुशील कुमार दुबे ने कहा कि नयी इकाई भूत विद्या से संबंधित विभिन्न चीजों के अध्ययन में मदद करेगी, जो पूरी तरह से आयुर्वेदिक तरीके से मनोवैज्ञानिक विकारों और असामान्य मानसिक स्थिति से संबंधित है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest News

ममता का एलानः एक जून से खुल जायेंगे सभी धार्मिक स्थल

पैगाम ब्यूरोः पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एलान किया है कि राज्य के सभी धार्मिक स्थल 1...

कोरोना के बाद शाहरुख और गौरी ने तूफान से तबाह हुए लोगों की मदद की उठायी जिम्मेदारी

पैगाम ब्यूरोः देश में लॉकडाउन में परेशान लोगों की मदद के लिए बॉलीवुड के कई सितारों ने काफी बढ़-चढ़ कर सहयोगिता की है. बॉलीवुड...

ब्रिटेन में हिजाब पहनने वाली पहली मुस्लिम महिला जज बनीं राफिया अरशद

पैगाम ब्यूरोः यूरोप के देशों में मुस्लिम महिलाओं के हिजाब पहनने पर अक्सर विवाद होता है. यूरोप में हिजाब को महिलाओं का पिछड़ापन माना...

जायरा वसीम ने कुरान का हवाला देते हुए कहा, अल्लाह का कहर है टिड्डियों का हमला

पैगाम ब्यूरोः लोग पहले से ही कोरोना और लॉकडाउन से परेशान हैं. अब पाकिस्तान से आया टिड्डियों का दल भी एक बड़ी मुसीबत बन...

कोरोना पॉजिटिव पाये गये ममता के मंत्री

पैगाम ब्यूरोः पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार के एक मंत्री कोरोना वायरस से संक्रमित हो गये हैं. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नेतृत्व वाले राज्य...

More Articles Like This