बीजेपी नेता का एलानः जो कागज नहीं दिखायेंगे, उन्हें बाद में मुंह छिपाना पड़ेगा

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पैगाम ब्यूरोः नागरिकता कानून के खिलाफ देश भर में विरोध प्रदर्शन का सिलसिला जारी है. इस विरोध प्रदर्शन के दौरान बहुत सारे लोग सोशल मीडिया पर यह एलान कर रहे हैं कि वो अपनी नागरिकता साबित करने के लिए सरकारी कर्मचारियों को अपने कागजात नहीं दिखायेंगे. ऐसे लोगों पर पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष ने तीखा हमला किया है. उन्होंने दावा किया है कि जो भी लोग अभी अपने कागजात नहीं दिखायेंगे, उन्हें बाद में अपना चेहरा छिपाना पड़ेगा.
शनिवार को एक कार्यक्रम के दौरान दिलीप घोष ने कहा कि सिविल सोसाइटी के जो लोग आज कह रहे हैं कि वो नागरिकता साबित करने के लिए कागज नहीं दिखायेंगे, वो जल्द ही अपना मुंह छिपाते नजर आयेंगे.
बीजेपी नेता ने कहा कि इन दिनों पश्चिम बंगाल की सड़कों पर काफी लोग ज्ञानी बने घूम रहे हैं. वो ज्ञान देकर अशांति फैला रहे हैं. पहले सीपीएम ने सड़कों पर बुद्धिजीवियों को छोड़ा था, आजकल ममता बनर्जी इनको बना रही हैं.
दिलीप घोष ने कहा कि बुद्धीजीवी कह रहे हैं कि वो कागजात नहीं दिखाएंगे. मैं कहता हूं कि वो दिन दूर नहीं जब वो अपना चेहरा दिखाने की हैसियत में नहीं होंगे.
आपको बता दें कि बंगाल के कई फिल्म और टीवी कलाकारों, निर्देशकों और संगीतकारों ने नागरिकता कानून और एनआरसी के खिलाफ एक वीडियो बनाया है. जिसमें वो कह रहे हैं कि वो सरकार के सामने फिर से अपनी नागरिकता साबित करने के लिए अपने कागजात नहीं दिखायेंगे.
पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष ने इन सभी अभिनेताओं, निर्देशकों और संगीतकारों को शैतान और पैरासाइट्स (परजीवी) बताते हुए कहा कि ये कुछ जीव हैं जिन्हें लोग बुद्धीजीवी मानते हैं. आजकल कोलकाता की सड़कों पर नजर आ रहे हैं. ये सभी परजीवी जो यहां रह रहे हैं और आनंद ले रहे हैं. ये सब लोग तब कहां थे जब बांग्लादेश में हमारे पूर्वजों पर अत्याचार किया जा रहा था. ये शैतान हमारा दिया खाते हैं और हमारा ही विरोध करते हैं.

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