फिर राज्यपाल को दिखाये गये काले झंडे, विरोध के चलते कार्यक्रम में शामिल हुए बैगर लौटे वापस

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पैगाम ब्यूरोः पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ को एक बार फिर छात्रों के विरोध का सामना करना पड़ा. मंगलवार को राज्यपाल जगदीप धनखड़ कलकत्ता यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में हिस्सा लेने पहुंचे थे. तभी नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और एनआरसी का विरोध कर रहे यूनिवर्सिटी के छात्रों ने राज्यपाल की गाड़ी को घेर लिया और ‘राज्यपाल वापस जाओ’ का नारा लगाने लगे. छात्रों के कड़े विरोध प्रदर्शन के कारण राज्यपाल को कार्यक्रम में शामिल हुए बगैर वापस लौटना पड़ा.
मंगलवार को कलकत्ता यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में नोबेल पुरस्कार विजेता अभिजीत बनर्जी को ‘डी लिट’ की उपाधि दिया जाना था. राज्यपाल जगदीप धनखड़ यूनिवर्सिटी के चांसलर के तौर पर इसमें शामिल होने पहुंचे थे. सीएए और एनआरसी का विरोध कर रहे यूनिवर्सिटी के छात्रों ने उनकी कार को घेर कर नारेबाजी शुरू कर दी. मौके पर मौजूद पुलिस वालों ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों को हटाया और राज्यपाल को निकाल कर ग्रीन रूम में ले गये. इस दौरान प्रदर्शनकारी छात्र दीक्षांत समारोह के लिए बने मंच तक पहुंच गये. राज्यपाल ने ग्रीन रुप में कुछ देर इंतजार किया, लेकिन प्रदर्शन खत्म न होने पर वे कार्यक्रम में शामिल हुए बगैर ही लौट गये.
बता दें कि इससे पहले राज्यपाल जगदीप धनखड़ को कोलकाता के यादवपुर यूनिवर्सिटी के छात्रों के भी विरोध प्रदर्शन का सामना करना पड़ा था. पिछले साल दिसंबर में जब वो यादवपुर यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में शामिल होने पहुंचे थे, तब छात्रों ने उन्हें काले झंडे दिखाये थे और ‘बीजेपी कार्यकर्ता मिस्टर जगदीप धनखड़ वापस जाओ’ के नारे लगाये थे. राज्यपाल को काफी देर तक अपनी गाड़ी के अंदर ही फंसा रहना पड़ा था. छात्रों के तीव्र प्रदर्शन के कारण वो अपनी गाड़ी से बाहर नहीं आ सके थे. आखिर में उन्हें कार्यक्रम में शामिल हुए बगैर यूनिवर्सिटी के गेट से ही लौट जाना पड़ा था.
बता दें कि पश्चिम बंगाल के ज्यादातर शिक्षण संस्थानों के छात्र सीएए पर राज्यपाल के रुख से नाराज हैं. राज्यपाल खुल कर नागरिकता कानून का समर्थन कर रहे हैं. इसलिए मौका मिलते ही छात्र राज्यपाल के खिलाफ अपनी नाराजगी प्रकट करने लगते हैं.

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