अंग्रेजों के काले कानून के समान है नागरिकता कानूनः उर्मिला मातोंडकर

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पैगाम ब्यूरोः नागरिकता कानून (सीएए) और एनआरसी के मुद्दे पर बॉलीवुड से भी काफी प्रतिक्रिया आ रही है. दीपिका पादुकोण, स्वरा भास्कर, रिचा चड्ढा, अनुरोग कश्यप, अनुभव सिन्हा के बाद बॉलीवुड की मशहूर एक्ट्रेस उर्मिला मातोंडकर ने भी इस मुद्दे पर बयान दिया है. उर्मिला ने सीएए का जबरदस्त विरोध करते हुए इसे काला कानून बताया है. उर्मिला के मुताबिक सीएए अंग्रेजों द्वारा लाये गये काले कानून रॉलेट एक्ट के समान है.
नागरिकता कानून का विरोध करते हुए उर्मिला ने कहा कि अंग्रेज जानते थे कि दूसरे विश्वयुद्ध के बाद भारत में विरोध बढ़ेगा. इसलिए वो रॉलेट एक्ट लेकर आ गये. 1919 का वह कानून और नागरिकता (संशोधन) अधिनियम 2019, दोनों ही को इतिहास में काले कानून के रूप में दर्ज किया जायेगा.
‘रंगीला गर्ल’ उर्मिला मातोंडकर ने कहा कि कथित देशभक्त देश पर तानाशाही करना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि ‘रॉलेट एक्ट’ में अंग्रेजी सरकार के पास ये ताकत थी कि सरकार के खिलाफ बोलने वालों को वो जेल में डाल सकते थे. ऐसा ही अब हो रहा है.
बता दें कि भारत में उभर रहे राष्ट्रीय आंदोलन को कुचलने के उद्देश्य से मार्च 1919 में अंग्रेज सरकार ने रोलेट ऐक्ट बनाया था. इस कानून के तहत अंग्रेजी हुकूमत को यह अधिकार प्राप्त था कि वह बिना मुकदमा चलाये किसी भी भारतीय को जेल में बंद कर सकती है. इस कानून के तहत अपराधी को उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने वाले का नाम जानने का अधिकार भी नहीं था.
बता दें कि उर्मिला मातोंडकर 2019 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस में शामिल हुई थीं. उन्होंने मुंबई (नॉर्थ) लोकसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार के टिकट पर चुनाव लड़ा था, लेकिन चुनाव में उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा था. बाद में उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने आरोप लगाया था कि पार्टी में उनकी बात को अहमियत नहीं दी जा रही थी.

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