उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती पर पीएसए लगाने से भड़के अधीरः कहा, आप इस तरह कश्मीर पर हुकुमत नहीं कर सकते

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पैगाम ब्यूरोः जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्रियों उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती पर पब्लिक सेफ्टी एक्ट (पीएसए) के तहत मामला दर्ज किये जाने से कांग्रेस के सीनियर नेता अधीर रंजन चौधरी भड़क उठे हैं. उन्होंने मोदी सरकार के इस फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि आप इस तरह से कश्मीर पर हुकुमत नहीं कर सकते हैं.
लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर चौधरी ने कहा कि कश्मीर भौगोलिक रूप से हमारे साथ है, लेकिन भावनात्मक रूप से नहीं. उन्होंने कहा कि कल संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती के खिलाफ बात की थी और रात में उन पर पीएसए लगा दिया गया.
पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने भी उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती पर पीएसए लगाने के फैसले की निंदा की है. उन्होंने कहा कि उमर अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती और दूसरों के खिलाफ पब्लिक सेफ्टी एक्ट की क्रूर कार्रवाई से हैरान हूं. आरोपों के बिना किसी पर कार्रवाई लोकतंत्र का सबसे घटिया कदम है. जब अन्यायपूर्ण कानून पारित किए जाते हैं या अन्यायपूर्ण कानून लागू किये जाते हैं, तो लोगों के पास शांति से विरोध करने के अलावा क्या विकल्प होता है?
बता दें कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद कश्मीर के लगभग सभी बड़े नेताओं को हिरासत में ले लिया गया था. पिछले कुछ दिनों से उन नेताओं को रिहा करने का सिलसिला शुरू हुआ है. ऐसे में उमर अब्दुल्ला, फारुक अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती के भी रिहा किये जाने की उम्मीद जगी थी, लेकिन मोदी सरकार ने उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती की छह महीने की ऐहतियातन हिरासत पूरी होने से महज कुछ घंटे पहले बृहस्पतिवार को उनके खिलाफ पब्लिक सेफ्टी एक्ट(पीएसए) के तहत मामला दर्ज कर दिया गया. सरकार का कहना है कि उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती समेत 6 नेताओं ने उनके नियमों और शर्तों को मानने से इनकार कर दिया था, इसलिए उन पर पीएसए लगाया गया है.

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