मंत्रियों को आमंत्रण, लेकिन यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल को न्योता नहीं

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पैगाम ब्यूरोः पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ फिर से नाराज हो गये हैं. उन्होंने आरोप लगाया है कि कूचबिहार के पंचानन बर्मा यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में उन्हें आमंत्रित नहीं किया गया है, जबिक वो पश्चिम बंगाल की सभी यूनिवर्सिटी के चांसलर (कुलधिपति) हैं. मजे की बात यह है कि यूनिर्वसिटी के दीक्षांत समारोह में राज्य के मंत्रियों को बुलाया गया है. यूनिवर्सिटी प्रबंधन की इस हरकत पर राज्यपाल ने ट्वीट कर अपनी नाराजगी जतायी है.
राज्य सरकार के साथ राज्यपाल जगदीप धनखड़ का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. हाल के दिनों में कई मुद्दों पर राज्यपाल और राज्य सरकार आमने-सामने आ चुके हैं. इस दौरान राज्य के कई यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में उन्हें छात्रों के विरोध का सामना भी करना पड़ा है.
बुधवार को उन्होंने ट्वीट कर कहा कि 14 फरवरी को कूचबिहार पंचानन बर्मा यूनिवर्सिटी का दीक्षांत समारोह आयोजित किया जायेगा. मंत्री पार्थ चटर्जी, गौतम देव, रवींद्रनाथ घोष और बिनय कृष्ण बर्मन को दीक्षांत समारोह के लिए आमंत्रित किया गया है. चांसलर, जिनके पास अध्यक्षता का अधिकार है, उन्हें कोई जानकारी नहीं है. हम कहां जा रहे हैं.
दूसरी तरफ यूनिवर्सिटी प्रबंधन का कहना है कि राज्यपाल को दीक्षांत समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है, लेकिन उनकी सहमति नहीं मिलने के चलते निमंत्रण पत्र में उनका नाम नहीं दिया गया है.
कूचबिहार के उत्सव ऑडिटोरियम में 14 फरवरी को सवेरे उत्सव 11 बजे दीक्षांत समारोह आयोजित किया जायेगा. समारोह में 39 लोगों को स्वर्ण पदक और 54 को रजत पदक से सम्मानित किया जायेगा. परंपरा के अनुसार, यूनिवर्सिटी के चांसलर और राज्यपाल की घोषणा के साथ ही दीक्षांत समारोह का आरंभ होता है. लेकिन समारोह के लिए छापे गये निमंत्रण पत्र में राज्यपाल का नाम ही नहीं है. निमंत्रण पत्र में बोस इंस्टीट्यूट के पूर्व निदेशक शिवाजी राहा, शिक्षा मंत्री पर्थ चटर्जी, पर्यटन मंत्री गौतम देव, उत्तर बंगाल विकास मंत्री रवींद्रनाथ घोष और पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री बिनय कृष्ण बर्मन के नाम शामिल हैं.

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