कांग्रेस नेता का पीएम पर हमलाः कहा, गोडसे ने भी पहले गांधी जी के पैर छुए थे फिर गोली मारी थी

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पैगाम ब्यूरोः कांग्रेस नेता पी एल पुनिया ने आरक्षण के मुद्दे पर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जोरदार हमला किया है. गुरुवार को उन्होंने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संविधान की मूल भावना के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री पर कटाक्ष कसते हुए कहा कि नाथूराम गोडसे ने भी पहले गांधी जी के पैर छुए थे, फिर उन्हें गोली मार दी थी.
कांग्रेस नेता ने कहा कि यह संविधान की मूल भावना है कि बराबरी लाने के लिए अतिरिक्त योजना बना सकते हैं. आरक्षण उनमें से एक था. लेकिन यह मानते कहां है. यह संविधान के ऊपर सीधा हमला है.
उन्होंने कहा कि लोग कहते हैं कि जब ये दूसरी बार 2019 में आये थे तो संविधान पर माथा टेका था, जब 2014 में पहली बार संसद में आये थे तो संसद की सीढ़ी पर माथा टेका था, यह उनकी आदत है. संसद में माथा टेक कर अंदर गये और उसके बाद संसद में जिस तरह से काम हो रहा है. संसदीय परंपरा को दरकिनार कर जिस तरह से कानून बनाये जा रहे हैं, वैसा हिंदुस्तान में पहले कभी नहीं हुआ. नाथूराम गोडसे ने भी पहले गांधी जी के पैर छुए थे और फिर गोली मारी थी. यह उनकी पुरानी परंपरा है.
पुनिया ने कहा कि एससी-एसटी-ओबीसी के अधिकारों पर खुल्लम खुल्ला हमला हो रहा है. इसमें मोदी जी समेत केंद्र में बैठे सभी लोग शामिल हैं.
बता दें कि शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाते हुए कहा था कि राज्य सरकारें सरकारी नौकरियों में एससी, एसटी और ओबीसी ( अन्य पिछड़ा वर्ग) को कोटा देने के लिए बाध्य नहीं है. क्योंकि यह मौलिक अधिकार नहीं है. कोर्ट ने यह भी कहा है कि एससी-एसटी के लोग सरकारी नौकरियों में आरक्षण का दावा नहीं कर सकते हैं, क्योंकि यह राज्य सरकारों की मर्जी और इच्छा पर निर्भर करता है. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर बवाल मचा हुआ है. कांग्रेस समेत सभी विपक्षी पार्टियां यह इल्जाम लगा रही हैं कि बीजेपी और आरएसएस आरक्षण को खत्म करने की फिराक में हैं.

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