सीएए और एनआरसी के दस्तावेज लेने के लिए बैंक और डाक कर्मचारी का भेष बना रहे हैं बीजेपी कार्यकर्ताःममता

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पैगाम ब्यूरोः पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी ने बीजेपी पर एक सनसनीखेज आरोप लगाया है. ममता बनर्जी ने कहा है कि बीजेपी कार्यकर्ता बैंक कर्मी और डाक विभाग कर्मचारियों का भेष बदल कर लोगों के घर जा रहे हैं. वो राज्य सरकार की मंजूरी के बगैर लोगों से नागरिकता कानून (सीएए) और एनआरसी के लिए कागज मांग रहे हैं.
पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा में एक कार्यक्रम के दौरान ममता बनर्जी ने कहा कि मैंने एक रिपोर्ट देखी है कि उत्तर 24 परगना जिले के हाबड़ा में बीजेपी के 15 कार्यकर्ता एक ज्वलेरी दुकान में गये और दुकानदार से सीएए व एनआरसी से संबंधित जरूरी दस्तावेज मांगे. ममता ने कहा कि वे कौन हैं और किसने उन्हें यह अधिकार दिया है? अगर वे आपके घर आते हैं तो किसी को कोई कागज न दें.
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि बैंक और डाक घर बीजेपी का नाम लिए बगैर सर्वे कर रहे हैं, वे घर-घर जा रहे हैं. किसी को भी उन्हें किसी तरह की जानकारी देने की जरूरत नहीं है. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की मंजूरी के बगैर वे ऐसा नहीं कर सकते हैं.
ममता बनर्जी ने बुधवार को सीएए और एनआरसी के खिलाफ दुर्गापुर में एक रैली भी निकाली थी. वो पहले भी कई बार लोगों से कागज नहीं दिखाने का आह्वान कर चुकी हैं.
राज्य के नदिया में सीएए, एनआरसी और एनपीआर के खिलाफ आयोजित एक रैली के दौरान ममता बनर्जी ने कहा था कि कोई भी कागज नहीं दिखायें. उन्होंने कहा कि सरकार जब कोई दस्तावेज मांगे तो एक भी दस्तावेज न दिखायें. अगर वे आप से आधार कार्ड का नंबर सबमिट करने के लिए कहें, या आपके परिवार के आधार कार्ड का विवरण मांगे तो उन्हें न दें . जब तक मैं आपसे न कहूं यह न करूं.
ममता बनर्जी पिछले एक महीने से ज्यादा वक्त से सीएए, एनआरसी और एनपीआर के खिलाफ प्रदर्शन कर रही हैं. इस दौरान उन्होंने कई रैली और सभा में शामिल हुईं. वह पश्चिम बंगाल में सीएए और एनआरसी नहीं लागू करने का भी एलान कर चुकी हैं.

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