छात्रों ने लगाया आरोपः जेएनयू में हिंसा भड़काने का इनाम, मिली अस्सिटेंट प्रोफेसर की नौकरी

Must Read

9 महीने बाद दिखेगा कोरोना का एक और रूपः ज्यादा बच्चे होंगे पैदा

पैगाम ब्यूरोः कोरोना वायरस पर काबू पाने की युद्ध स्तर पर कोशिश चल रही है. दुनिया भर के वैज्ञानिक...

क्या भारत कोरोना के तीसरे स्टेज में पहुंच चुका है, सरकार ने दी जानकारी

पैगाम ब्यूरोः देश में कोरोना का आतंक और मरने वालों की तादाद बढ़ती ही जा रही है. इस परिस्थिति...

दारुल उलूम देवबंद ने बढ़ाया मदद का हाथः मदरसे को आसोलेन वार्ड बनाने की पेशकश

पैगाम ब्यूरोः कोरोना वायरस के कहर से निपटने में हर कोई अपने स्तर पर मदद कर रहा है. देश...

पैगाम ब्यूरोः दिल्ली के जवाहरलाल नेहरु यूनिवर्सिटी (जेएनयू) का छात्र संघ (जेएनयूएसयू) पहले दिन से ही यह आरोप लगाता आ रहा है कि पिछले 5 जनवरी को जेएनयू कैंपस में हुई हिंसा के लिए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी), Cyclops Security और JNUTF जिम्मेदार है. अब जेएनयू छात्र संघ ने शनिवार को एक बयान जारी कर यह आरोप लगाया है कि जेएनयू कैंपस में हिंसा रचने वाले जो लोग एक व्हाट्सएप ग्रुप का हिस्सा थे और इस व्हाट्सएप ग्रुप के जरिये ही वहां हिंसा करने के लिए लोगों को इकट्ठा किया गया और पूरे खेल रचा गया, उन्हीं लोंगो को अब विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर के रूप में नियुक्त किया जा रहा है.

छात्र संघ ने नियुक्तियों में अनियमितता और भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद के स्पष्ट मामलों की एक सरकारी जांच की मांग की है. जेएनयू छात्र संघ ने एक बयान जारी कर कहा कि सत्यापित मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, व्हाट्सएप पर हिंसा की योजना बनाने में स्पष्ट रूप से शामिल रहीं रेणु सेन को अब स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज में एक सहायक प्रोफेसर के रूप में नियुक्त किया गया है.

रेणु सेना जेएनयू में हिंसा को समन्वय करने वाले व्हाट्सएप ग्रुप की एडमिन थीं, उनकी नियुक्ति से पता चलता है कि वाइस चांसलर (वीसी) शिक्षकों की नहीं, बल्कि गुर्गों की नियुक्ति कर रहे हैं, जो छात्रों पर होने वाले हमलों की कमान संभालेंगे.

जेएनयू छात्र संघ ने वाइस चांसलर जगदीश कुमार पर एबीवीपी के कार्यकर्ताओं को सहायक प्रोफेसर के रुप में नियुक्त करने का आरोप लगाया है, चाहे उनमें इस पद की योग्यता हो या न हो. जेएनयूएसयू ने कहा कि इसका लक्ष्य जेएनयू के शैक्षिक वातावरण को खराब करना और विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठिा को नष्ट करना है.

छात्र संघ ने आरोप लगाया कि 4 और 5 जनवरी की हिंसा में तथाकथित जेएनयू शिक्षक महासंघ के माध्यम से एबीवीपी को एबीवीपी के पूर्व कार्यकर्ताओं और वर्तमान जेएनयू संकायों की सहायता हासिल थी. जेएनयू छात्र संघ ने अपने बयान में यूनिवर्सिटी में हिंसा के लिए आरएसएस और एबीवीपी से जुड़े कई शिक्षकों और प्रोफेसरों पर आरोप लगाया है.

बता दें कि पांच जनवरी की की शाम को नकाबपोश हमलावरों के एक गुट ने देश के इस प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में घुस कर आतंक मचाया था. उन्होंने छात्रों और शिक्षकों पर लाठी-डंडे से हमले किये थे, जिसमें कई छात्र और शिक्षक बुरी तरह घायल हो गये थे.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest News

9 महीने बाद दिखेगा कोरोना का एक और रूपः ज्यादा बच्चे होंगे पैदा

पैगाम ब्यूरोः कोरोना वायरस पर काबू पाने की युद्ध स्तर पर कोशिश चल रही है. दुनिया भर के वैज्ञानिक...

क्या भारत कोरोना के तीसरे स्टेज में पहुंच चुका है, सरकार ने दी जानकारी

पैगाम ब्यूरोः देश में कोरोना का आतंक और मरने वालों की तादाद बढ़ती ही जा रही है. इस परिस्थिति में यह अफवाह तेजी से...

दारुल उलूम देवबंद ने बढ़ाया मदद का हाथः मदरसे को आसोलेन वार्ड बनाने की पेशकश

पैगाम ब्यूरोः कोरोना वायरस के कहर से निपटने में हर कोई अपने स्तर पर मदद कर रहा है. देश के बड़े-बड़े उद्योगपतियों, फिल्मस्टार और...

यूपी पुलिस की हैवानियतः सेनिटाइजर के नाम पर मजदूरों के शरीर पर कीटनाशक डाल रही है पुलिस

पैगाम ब्यूरोः कोरोना वायरस संकट की इस घड़ी में जब देश भर से इंसानियत की नयी-नयी मिसालें सामने आ रही हैं. वहीं यूपी पुलिस...

बंगाल सरकार का अभूतपूर्व फैसलाः हर जिले में बनेगा कोरोना अस्पताल

पैगाम ब्यूरोः किसी ने सच ही कहा है कि जो बात बंगाल आज सोचता है, उसके बारे में देश दूसरे दिन सोचता है. केंद्र...

More Articles Like This