लॉकडाउन में फंसे हजारों मजदूरः पैदल ही घर की तरफ निकल पड़ा मजदूरों का काफिला

Must Read

अब 12 अप्रैल को होगा नया ड्रामा, 5 मिनट खड़े हो कर पीएम को सम्मान दिये जाने की तैयारी

पैगाम ब्यूरोः कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ रहे चिकित्सा कर्मियों को सम्मान देने के लिए 22 मार्च को ताली...

तबलीगी जमात के लोग दूसरों के साथ नहीं कर सकते बदसलूकीः देखें वीडियो

पैगाम ब्यूरोः मीडिया का एक वर्ग और भगवा संगठन तबलीगी जमात को शैतान की जमात के रुप में पेश...

किसानों की जीविका खतरे में, फसलों की कटाई के लिए लॉकडाउन में ढील दे सरकारः राहुल गांधी

पैगाम ब्यूरोः कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने फसलों की कटाई को लिए लॉकडाउन में ढील देने की...

पैगाम ब्यूरोः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एलान के बाद देश भर में 21 दिनों का लॉकडाउन शुरू हो गया है. सब कुछ बंद हो चुका है. बाजार, दफ्तर, दुकान, काम-धंधे, गाड़ियां, ट्रेन, जहाज सब बंद. प्रधानमंत्री ने यह फैसला कोरोना वायरस के खतरे को रोकने के लिए लिया है, लेकिन पीएम का फैसला उन मजदूरों को भारी पड़ गया है. जो जिंदगी की गाड़ी खींचने के लिए अपने घर से दूर सैकड़ों किलोमीटर दूर दूसरे राज्यों में काम करने के लिए गये थे.

यह कहानी किसी एक राज्य की नहीं, बल्कि पूरे देश की है. कोरोना वायरस से बचने की कोशिश में लोग अब भुखमरी के चंगुल में फंसते नजर आ रहे हैं. इस मुसीबत में राजस्थान के हजारों मजदूर प्रधानमंत्री के गृह राज्य गुजरात में भी फंस गये हैं. इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए राजस्थान के हजारों मजदूर गुजरात के अहमदाबाद से पैदर अपने-अपने घर जाने को मजबूर हैं, क्योंकि इन मजदूरों के मालिकों ने कोरोना वायरस से बचाव के लिए किये गये ‘लॉकडाउन’ की वजह से अपने काम बंद कर दिये हैं.

बुधवार को गुजरात के साबरकांठा जिले में हाईवे पर एक अजीब नजारा देखने को मिला. हजारों मजदूर अपने बच्चों और सामानों के साथ पैदल जाते हुए नजर आये. इसे देख कर 1947 में देश बंटवारे के समय का दृश्य जेहन में उभर आया. सोमवार को अहमदाबाद से निकल कर इनमें से कई मजदूर बुधवार दोपहर हिम्मतनगर, इदर और प्रांतिज पहुंचे. थकान और भयंकर गर्मी की तक्लीफ इनके चेहरे पर साफ झलक रही थी.

इस मौके पर राजस्थान के एक मजदूर ने बताया कि मैं अहमदाबाद में काम कर रहा था. मेरे मालिक ने मुझे काम बंद करके वापस जाने को कह दिया. उन्होंने मुझे बस किराया दिया, लेकिन सभी गाड़ियां बंद हैं. इसलिए हम पैदल अपने गांव वापस जाने को मजबूर हैं.

अहमदाबाद के मेमनगर इलाके में एक फूड स्टॉल में काम करने वाले सुनील ने कहा कि हमारे ग्रुप में डूंगरपुर के लगभग 300 लोग हैं. ज्यादातर लोग पैदल ही घर लौट रहे हैं. हमें काफी लंबी दूरी तय करनी है. वहीं अहमदाबाद में घर में काम करने वाली दीपा ने कहा कि हमारे मकान मालिक ने हमें यह कहते हुए निकाल दिया है कि हम उन्हें कोरोना वायरस से संक्रमित कर सकते हैं. उनकी जान को खतरा है.

सबसे बड़ी मुसीबत यह है कि लॉकडाउन के चलते सभी होटल बंद है, जिसकी वजह से इन लोगों को खाना और पानी तक मिलना मुश्किल हो रहा है. ज्यादातर मालिकों ने अपने यहां काम करने वाले मजदूरों को मुआवजे के रूप में सिर्फ 500 रुपये दिये हैं.

पुलिस इन मजदूरों को राजस्थान के उनके गांवों तक पहुंचने के लिए कुछ न कुछ व्यवस्था करने की मदद करने का आश्वासन दे रही है. कुछ जगहों पर पुलिस ने उनके खाने-पीने की व्यवस्था तो की है, लेकिन यह काफी नहीं है. मजदूर वहां रुक कर और जोखिम लेना नहीं चाहते हैं, क्योंकि 21 दिनों तक बगैर कोई काम किये उनके लिए खाने-पीने की व्यवस्था करना असंभव हो जायेगा. इसलिए वो किसी भी तरह अपने घर पहुंचना चाहते हैं. इसलिए उन्होंने पैदल ही अपने घर जाने का इतना बड़ा जोखिम लिया है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest News

अब 12 अप्रैल को होगा नया ड्रामा, 5 मिनट खड़े हो कर पीएम को सम्मान दिये जाने की तैयारी

पैगाम ब्यूरोः कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ रहे चिकित्सा कर्मियों को सम्मान देने के लिए 22 मार्च को ताली...

तबलीगी जमात के लोग दूसरों के साथ नहीं कर सकते बदसलूकीः देखें वीडियो

पैगाम ब्यूरोः मीडिया का एक वर्ग और भगवा संगठन तबलीगी जमात को शैतान की जमात के रुप में पेश कर रहे हैं. इस काम...

किसानों की जीविका खतरे में, फसलों की कटाई के लिए लॉकडाउन में ढील दे सरकारः राहुल गांधी

पैगाम ब्यूरोः कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने फसलों की कटाई को लिए लॉकडाउन में ढील देने की मांग की है. वायनाड के...

49 दिनों तक चल सकता है लॉकडाउनः मुख्यमंत्री ने किया इशारा

पैगाम ब्यूरोः देश में चल रहे लॉकडाउन की मियाद 14 अप्रैल को पूरी हो रही है, लेकिन शायद इस दिन लॉकडाउन खत्म नहीं होगा....

कोरोना के नाम पर सांप्रदायिक ध्रुवीकरण को दिया जा रहा है बढ़ावाः सीताराम येचुरी

पैगाम ब्यूरोः सीपीआईएम (माकपा) के महासचिव सीतारम येचुरी ने आरोप लगाया है कि कोरोना वायरस के नाम पर देश में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण को बढ़ाया...

More Articles Like This