9 महीने बाद दिखेगा कोरोना का एक और रूपः ज्यादा बच्चे होंगे पैदा

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पैगाम ब्यूरोः कोरोना वायरस पर काबू पाने की युद्ध स्तर पर कोशिश चल रही है. दुनिया भर के वैज्ञानिक इस जानलेवा रोग का इलाज तलाश करने में लगे हुए हैं. आज नहीं तो कल इस वायरस के संक्रमण का इलाज जरूर सामने आ जायेगा, लेकिन अगले साल इस वायरस का एक नया रुप देखने को मिलेगा.

कोरोना वायरस जहां मौत बन कर मंडरा रहा है. वहीं यह बीमारी नयी जिंदगियों को इस धरती पर लाने में भी मदद कर रही है. इस वायरस के चलते से अगले साल की शुरुआत में ज्यादा बच्चे पैदा होंगे. इस वक्त जो नौजवान जोड़े लॉकडाउन हैं, उनकी वजह से पूरी दुनिया में ज्यादा बच्चों की पैदाइश देखने को मिल सकती है.

ये मजेदार खुलासा लंदन के मशहूर हार्ले थेरेपी के क्लीनिकल डायरेक्टर डॉ. शेरी जैकबसन ने किया है. डॉ. शेरी ने कहा कि हमने तो अभी सिर्फ ब्रिटेन का अध्ययन किया है कि यहां पर अगले साल की शुरुआत में बेबी बूम (ज्यादा तादाद में बच्चों का जन्म) आयेगा. लेकिन यह उन सभी देशों के लिए लागू होता है जो लॉकडाउन में हैं.

डॉ. शेरी ने बताया कि लॉकडाउन में लोग जब ज्यादा वक्त घर पर बितायेंगे तो वो बोर होंगे. ऐसे में युवा जोड़ों से उम्मीद है कि वे अपनी पीढ़ी को आगे बढ़ायेंगे. इसलिए इस साल के अंत में और अगले साल की शुरुआत में ज्यादा बच्चों के पैदा होने की संभावना है.

डॉ. शेरी ने कहा कि लॉकडाउन की वजह से गर्भनिरोधक बनाने वाली कंपनियां बंद हैं. बाजार से स्टॉक खत्म हो चुका है. ऐसे में इस बात की पूरी उम्मीद रहती है कि ज्यादा बच्चे जन्म लें, क्योंकि जो जोड़े इतने दिनों तक घर में बंद रहेंगे वे इस तरीके से भी अपना तनाव कम करेंगे.

भारत में भी यही हाल है. कई शादीशुदा जोड़े और प्रेमी-प्रेमिकाएं साथ में लॉकडाउन हो गये हैं. वो बड़ी तादाद में कंडोम खरीद रहे हैं. करेंगे भी क्या? सिनेमा हॉल बंद, बाजार बंद, शॉपिंग मॉल बंद, कहीं जा भी नहीं सकते हैं.
लॉकडाउन में जहां जरुरी सामानों की मारामरी हो रही है, वहीं अब मेडिकल स्टोर्स पर कंडोम की भी कमी दिखने लगी है. लॉकडाउन के एक सप्ताह में कंडोम की बिक्री में 25 से 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.

दुकानदारों के मुताबिक, लोग कंडोम के बड़े पैकेट ज्यादा खरीद रहे हैं. हालांकि पहले छोटे पैक ज्यादा बिकते थे. लेकिन लॉकडाउन की वजह से बड़े पैक की मांग बढ़ गयी है.

लॉकडाउन में लोगों के पास वक्त ही वक्त है. नए शादीशुदा जोड़ों के लिए ये लॉकडाउन एक सुनहरा मौका है. ये उनके लिए भी फायदेमंद है जो जोड़े काम के चलते एकदूसरे को वक्त नहीं दे पाते थे. अब उनके पास एक दूसरे साथ बिताने के लिए पूरा वक्त है.

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