अब 12 अप्रैल को होगा नया ड्रामा, 5 मिनट खड़े हो कर पीएम को सम्मान दिये जाने की तैयारी

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पैगाम ब्यूरोः कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ रहे चिकित्सा कर्मियों को सम्मान देने के लिए 22 मार्च को ताली और थाली बजायी गयी. उसके बाद कोरोना के अंधकार को दूर करने के नाम पर 5 अप्रैल को देश भर की लाइट ऑफ कर दीये और मोमबत्ती जलाये गये, लेकिन नाटक अभी खत्म नहीं हुआ है. अब देश को एक और नौटंकी के लिए तैयार रहना होगा.

22 मार्च और 5 अप्रैल का कार्यक्रम तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर किया गया था, जिसे देश में भारी समर्थन मिला, लेकिन इस बार जो कुछ होने वाला है, उसके लिए प्रधानमंत्री ने कोई अपील नहीं की है. बल्कि कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर एक मुहिम शुरू की है.

सोशल मीडिया पर कुछ लोग मुहिम चला रहे हैं कि आने वाले रविवार यानी कि 12 अप्रैल को 5 मिनट के लिए खड़ा होकर पीएम मोदी को सम्मानित किया जाये. इस बाबत लोग ट्विटर-फेसबुक पर मैसेज शेयर कर रहे हैं.

सोशल मीडिया पर बहुत सारे ऐसे लोग हैं, जो कोरोना वायरस से निपटने में लॉकडाउन जैसे कड़े कदम उठाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ कर रहे हैं. सिर्फ तारीफ ही नहीं, वो इस काम के लिए प्रधानमंत्री का सम्मान करना चाहते हैं. उनके सम्मान में पांच मिनट खड़े होने की मुहिम चलायी जा रही है.

हालांकि खुद प्रधानमंत्री ने इस नौटंकी का विरोध किया है. प्रधानमंत्री ने बुधवार को ट्वीट कर कहा कि “मेरे ध्यान में लाया गया है कि कुछ लोग यह मुहिम चला रहे हैं कि 5 मिनट खड़े रहकर मोदी को सम्मानित किया जाए. पहली नजर में तो यह मोदी को विवादों में घसीटने की कोई खुराफात लगती है.

पीएम ने कहा, “हो सकता है कि यह किसी की सदिच्छा हो, तो भी मेरा आग्रह है कि यदि सचमुच में आपके मन में इतना प्यार है और मोदी को सम्मानित ही करना है तो एक गरीब परिवार की जिम्मेदारी कम से कम तब तक उठाइए, जब तक कोरोना वायरस का संकट है. मेरे लिए इससे बड़ा सम्मान कोई हो ही नहीं सकता.”

अब प्रधानमंत्री ने तो इस काम से मना कर दिया है, लेकिन देखना यह है कि क्या प्रधानमंत्री के मना करने का उनके चाहने वालों पर कोई असर पड़ता है, या फिर दुनिया कोरोना वायरस की इस संकट की घड़ी में 12 अप्रैल को एक और नाटक देखेगी

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