अयोध्या में खुदाई में बौद्ध अवशेष मिलने का दावा, दलितों ने की राम मंदिर नहीं बौद्ध स्थल बनाने की मांग

Must Read

देश के सबसे अक्षम और जालिम मुख्यमंत्री हैं योगी

पैगाम ब्यूरोः प्रवासी मजदूरों के मामले में उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के बयान से देश भर में...

सोनू सूदः एक विलेन जो सिर्फ हीरो पर नहीं, सरकार पर भी पड़ गया भारी

पैगाम ब्यूरोः भारतीय सिनेमा का जब भी इतिहास लिखा जायेगा, उसमें अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान, अक्षय कुमार, अजय देवगन...

अखिलेश यादव का कटाक्षः अगर काढ़ा और च्यवनप्राश से ठीक होता है कोरोना तो मुफ्त बांटे सरकार

पैगाम ब्यूरोः लाख कोशिशों के बावजूद कोरोना वायरस का आतंक बढ़ता ही जा रहा है. नये मामले सामने आने...

पैगाम ब्यूरोः सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या में राम मंदिर बनाने की सारी रुकावट दूर कर दी है. अयोध्या में किसी मंदिर को नहीं तोड़ा गया था, ये मानने के बाद भी देश की सर्वोच्च न्यायलाय ने बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि विवाद का फैसला रामलला के पक्ष में दे दिया, लेकिन कहानी अभी खत्म नहीं हुई है. जिस जगह पर राम मंदिर होने का दावा किया जा रहा है. उस पर अब बौद्धों ने अपना दावा ठोंक दिया है.

पिछले कई दिनों से अयोध्या में मिले अवशेषों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. जिसमें ये दावा किया जा रहा है कि अयोध्या में खुदाई में मंदिर के अवशेष मिले हैं. कई मूर्तियां भी पायी गयी हैं. हिंदुत्वादी संगठन और उसके समर्थके इसे लेकर तरह-तरह के हमले कर रहे हैं. लेकिन अब कहानी में नया ट्वीस्ट आ गया है.

अब बौद्ध ये दावा कर रहे हैं कि समतलीकरण के दौरान जो अवशेष मिले हैं वह सम्राट अशोक के शासनकाल के दौरान की है. जिनका संबंध भगवान बुद्ध से है. बौद्धों ने यूनेस्को से रामजन्मभूमि परिसर की निष्पक्ष खुदाई की मांग भी की है.
सबसे पहले ये मुद्दा कांग्रेस के दलित नेता उदित राज ने उठाया था. जिन्होंने दावा किया था अयोध्या में खुदाई में बौद्ध अवशेष मिले हैं. उन्होंने ट्वीट कर कहा था, “अयोध्या में खुदाई से सिद्ध हुआ कि यह एक बौद्ध स्थल था. पूरा एरिया पुरातत्व विभाग की निगरानी में अध्ययन किया जाना चाहिए. बौद्ध स्तूपों में मिले धम्म चक्र &अयोध्या में मिले धम्म चक्र में समानता देखने को मिलेगी. मीडिया द्वारा निष्कर्ष पर पहुँचना की यहाँ राम मंदिर था जल्दबाज़ी होगी.”

अब भीम आर्मी चीफ और आजाद समाज पार्टी (ASP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने भी यही मांग दोहराई है. आजाद ने ट्वीट कर कहा,  “अयोध्या में खुदाई के बाद मिल रहे अवशेष चीखकर बोल रहे हैं कि ये बुद्ध से जुड़े हैं. अतः @UNESCO व पुरातत्व विभाग के स्पष्टीकरण तक किसी भी तरह का निर्माण कार्य तत्काल रोका जाए.”

चंद्रशेखर आजाद ने साफ कर दिया है कि वो और उनकी पार्टी वहां पर बौद्ध स्थल बनाने के लिए जल्द ही आंदोलन का आगाज करेंगे.

सोशल मीडिया पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को भी निशाना बनाया जा रहा है. कहा जा रहा है कि अदालत ने गलत फैसला दिया था. अयोध्या राम की नगरी नहीं, बल्कि बुद्ध नगरी है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest News

देश के सबसे अक्षम और जालिम मुख्यमंत्री हैं योगी

पैगाम ब्यूरोः प्रवासी मजदूरों के मामले में उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के बयान से देश भर में...

सोनू सूदः एक विलेन जो सिर्फ हीरो पर नहीं, सरकार पर भी पड़ गया भारी

पैगाम ब्यूरोः भारतीय सिनेमा का जब भी इतिहास लिखा जायेगा, उसमें अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान, अक्षय कुमार, अजय देवगन वगैरा का नाम जरूर होगा....

अखिलेश यादव का कटाक्षः अगर काढ़ा और च्यवनप्राश से ठीक होता है कोरोना तो मुफ्त बांटे सरकार

पैगाम ब्यूरोः लाख कोशिशों के बावजूद कोरोना वायरस का आतंक बढ़ता ही जा रहा है. नये मामले सामने आने और मौत के आंकड़ों का...

अब बीजेपी नेता बग्गा पर कसा शिकंजाः राजीव गांधी पर अपमानजनक टिप्पणी करने के लिए एफआईआर दर्ज

पैगाम ब्यूरोः बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा के बाद अब बीजेपी के एक और बड़बोले नेता तजिंदर पाल सिंह बग्गा की परेशानी बढ़ती नजर आ...

लॉकडाउन के बीच फिर सड़क पर राहुल, प्रवासी मजदूरों के बाद टैक्सी ड्राइवर से जाना हाल

पैगाम ब्यूरोः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके मंत्री एयरकंडीशन दफ्तरों में बैठ कर कोरोना संकट दूर करने और प्रवासी मजदूरों की समस्याओं को सुलझाने...

More Articles Like This