राहुल गांधी ने कहाः फेल हो चुका है लॉकडाउन, आगे की रणनीति बतायें प्रधानमंत्री

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पैगाम ब्यूरोः देश में जारी लॉकडाउन के दौरान कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को चौथी बार मीडिया से बात की. राहुल गांधी ने दावा किया कि लॉकडाउन पूरी तरह से फेल हो चुका है. उन्‍होंने कहा कि , प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि कोरोना 21 दिन में कंट्रोल हो जायेगा, मगर 60 दिन हो चुके हैं और कोरोना के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं.
कांग्रेस सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री और उनके सलाहकारों ने ये उम्‍मीद नहीं की थी कि ऐसा हो जायेगा. हिंदुस्‍तान ऐस पहला देश है जो बीमारी के बढ़ते वक्‍त लॉकडाउन खत्‍म कर रहा है.

वायनाड के सांसद ने कहा कि लॉकडाउन के 4 स्‍टेज फेल हो चुके हैं, ऐसे में मैं सरकार से पूछना चाहता हूं कि आगे के लिए उसकी क्‍या रणनीति है. मजदूरों के लिए क्‍या व्‍यवस्‍था है, छोटे व कुटीर उद्योगों को कैसे खड़ा करेंगे? सरकार कहती है कि जीडीपी का 10 प्रतिशत राहत पैकेज के रूप में दिया है, मगर असल में एक प्रतिशत ही मिला है.

प्रवासी मजदूरों से मुलाकात पर राहुल गांधी ने कहा कि जब मैं उनसे मिला तो कुछ ने कहा कि हमारा भरोसा टूट गया है. मुझे ये सुन कर बेहद तक्लीफ हुई. सरकार अभी भी उनकी मदद कर सकती है.

राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने टीवी पर बताया था कि लॉकडाउन का मकसद है कि हम 21 दिन में कोरोना को हरा देंगे. चौथा लॉकडाउन खत्‍म होने को आ गया मगर बीमारियां बढ़ती जा रही हैं.

उन्होंने कहा कि बेरोजगारी की समस्‍या कोरोना की वजह से नहीं आयी है. वह पहले से चली आ रही थी. अब इस पूरी समस्‍या में एक नया हिस्सा जुड़ गया है. कारोबार बंद हो गये है. कई सारे उद्योग बंद होने जा रहे हैं. हम इसीलिए छोटे उद्योगों को पैसा देने की मांग कर रहे हैं. अगर हम ऐसा नहीं करते हैं तो ये आत्‍मघाती होगा.

राहुल गांधी ने कहा कि मैंने फरवरी में सरकार को जो चेतावनी दी थी, वही आज भी कह रहा हूं. मेरा काम देश की समस्याओं के बारे में सरकार को आगाह करना है.

उन्‍होंने कहा कि मेरे कुछ जानने वाले बताते हैं कि सरकार सोचती है कि अगर बहुत सारा पैसा गरीब लोगों को दे दिया तो बाहर के देशों में गलत संदेश चला जायेगा, हमारी रेटिंग खराब हो जायेगी. मैं फिर से कह रहा हूं कि हिंदुस्‍तान की इमेज बाहर नहीं बनती, हिंदुस्‍तान के अंदर बनती है. हिंदुस्तान की शक्ति की रक्षा करने की जरूरत है. इसके लिए 50 फीसदी लोगों को डायरेक्ट कैश देना होगा. महीने का साढ़े सात हजार रुपये देना होगा.

राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अलग ही पोजिशन अपना रखी है. पहले उन्‍होंने फ्रंटफुट पर खेला, फिर वह दिखना ही बंद हो गये. देश प्रधानमंत्री को देखना चाहता है, उन्‍हें बताना होगा कि आगे की रणनीति क्या है. उन्‍हें फ्रंटफुट पर आकर खेलना होगा.

उत्‍तर प्रदेश में मजदूरों के बस विवाद पर कांग्रेस नेता ने कहा कि लोग पहले भारतीय हैं और फिर राज्‍यों के हैं. कोई किस राज्‍य से कहां जाकर काम करेगा, यह किसी राज्‍य का मुख्‍यमंत्री नहीं तय करेगा. यूपी के मुख्यमंत्री ने मजदूरों को निजी संपत्ति की तरह इस्तेमाल किया है.

महाराष्‍ट्र में कोरोना के सबसे ज्यादा मामले सामने आने के बारे में राहुल गांधी ने कहा कि ‘वेल-कनेक्‍टेड जगहों पर कोरोना ज्‍यादा फैल रहा है. हम महाराष्‍ट्र में सरकार की मदद कर रहे हैं मगर फैसले पूरी तरह से हमारे हाथ में नहीं. सरकार चलाने और सरकार को समर्थन देने में फर्क होता है. महाराष्‍ट्र को भारत सरकार से पूरे समर्थन की जरूरत है. आप राज्यों को इस तरह छोड़ नहीं सकते हैं. वो पूरी ताकत से लड़ रहे हैं. उनका साथ देना होगा.

चीन और नेपाल के साथ सीमा विवाद पर राहुल गांधी ने कहा कि बॉर्डर पर जो भी हुआ, उसके बारे में सरकार को साफ-साफ बताना चाहिए. इस पर मेरा ज्यादा कुछ कहना ठीक नहीं होगा. एक बार सरकार पूरी जानकारी सामने रख दे, फिर मैं कुछ कहूंगा.

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