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रैमॉन मैगसेसे अवार्ड से सम्मानित हुए रवीश कुमार

पैगाम ब्यूरोः 9 सितंबर 2019 का दिन भले ही ज्यादातर लोगों के लिए एक आम दिन की तरह ही है, लेकिन आने वाले दिनों में इस दिन को इतिहास के पन्नों में एक अहम जगह जरूर मिलेगी, क्योंकि आज ही एनडीटीवी के रवीश कुमार को प्रतिष्ठित रैमॉन मैगसेसे पुरस्कार से सम्मानित किया गया. 

भारत के नामचीन पत्रकारों में से एक एनडीटीवी के मैनेजिंग एडिटर रवीश कुमार को आज फिलिपिंस की राजधानी मनीला में रैमॉन मैगसेसे पुरस्कार प्रदान किया गया. इस मौके पर रवीश कुमार के जीवन और उनकी पत्रकारिता के बारे में आयोजकों की तरफ से विस्तार से बताया गया.

रैमॉन मैगसेसे पुरस्कार लेने के बाद रवीश कुमार ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हर जंग जीतने के लिए नहीं लड़ी जाती है, बल्कि कुछ जंग सिर्फ इसलिए लड़ी जाती है ताकि दुनिया को बताया जा सके कि कोई है, जो लड़ रहा है.

रवीश कुमार ने कहा कि जब से रैमॉन मैगसेसे अवार्ड का एलान किया गया है मेरे आसपास की दुनिया बदल गयी है. मनीला में मुझे जो सम्मान और सत्कार मिला है, उसने मेरा दिल जीत लिया है. हम आम लोग हैं. आपके प्यार ने मुझे पहले से ज्यादा जिम्मेदार बना दिया है.

उन्होंने कहा कि भारत का मीडिया संकट में है, लेकिन ऐसा अचानक नहीं हुआ है. पत्रकार होना अब व्यक्तिगत प्रयास हो गया है, क्योंकि समाचार संगठन और उनके कॉरपोरेट अफसर ऐसे पत्रकारों को नौकरी छोड़ने के लिए मजबूर कर रहे हैं, जो समझौता नहीं करते हैं. ऐसे में यह देख कर हौसला मिलता है कि अभी भी कुछ लोग हैं जो जान और नौकरी की परवाह किये बगैर पत्रकारिता कर रहे हैं.

आपको बता दें कि रैमॉन मैगसेसे अवार्ड को एशिया को नोबेल पुरस्कार कहा जाता है. रवीश कुमार से पहले सिर्फ पांच भारतीय पत्रकारों को यह पुरस्कार मिल चुका है. रवीश कुमार को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार बेआवाजों की आवाज उठाने और बेखौफ पत्रकारिता के लिए दिया गया है.


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