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राहुल गांधी ने नोटबंदी को बताया आतंकी हमला

पैगाम ब्यूरोः पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने नोटबंदी की तुलना देश में आतंकी हमले से की है. साथ ही राहुल गांधी ने नोटबंदी के फैसले के लिए जिम्मेदार लोगों को सजा दिये जाने की मांग की है.

आज नोटबंदी की तीसरी सालगिरह के मौके पर राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा कि नोटबंदी आतंकी हमले को तीन साल गुजर गये हैं, जिसने भारतीय अर्थव्यवस्था को तबाह कर दिया, कई लोगों की जान ले ली, कई छोटे कारोबार खत्म कर दिये और लाखों भारतीयों को बेरोजगार कर दिया. राहुल गांधी ने कहा कि इस निंदनीय हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को कानून के समक्ष लाया जाना बाकी है.

दूसरी तरफ प्रियंका गांधी ने भी नोटबंदी को नीम हकीमों का फैसला बताते हुए कहा कि नोटबंदी को तीन साल हो गये. सरकार और इसके नीम हक़ीमों द्वारा किये गये ‘नोटबंदी सारी बीमारियों का शर्तिया इलाज’ के सारे दावे एक-एक करके धराशायी हो गये. नोटबंदी एक आपदा थी जिसने हमारी अर्थव्यवस्था नष्ट कर दी. इस ‘तुग़लकी’ कदम की जिम्मेदारी अब कौन लेगा?

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने नोटबंदी लागू करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘आज का तुगलक’ बताया है. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि सुल्तान मोहम्मद बिन तुगलक ने 1330 में देश की मुद्रा को अमान्य करार दिया था. आज के तुगलक ने भी आठ नवंबर, 2016 को यही किया था. तीन साल गुजर गये और देश भुगत रहा है, क्योंकि अर्थव्यवस्था ठप हो चुकी है, रोजगार छिन गया है. न ही आतंकवाद रुका और न ही जाली नोटों का कारोबार थमा है. इसके लिए जिम्मेदार कौन है?

आपको बता दें कि आठ नवंबर 2016 की रात को एलान कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 500 और 1,000 रुपये के पुराने नोटों को बंद कर दिया था. इसके बाद सरकार 500 रुपये के नये नोट लेकर आयी. साथ ही पहली बार दो हजार के नोट भी चलाये गये.


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