फेसबुक ने इस्लामोफोबिया के लिए मुसलमानों से मांगी माफी

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पैगाम ब्यूरोः फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्वीटर, इंस्ट्राग्राम जैसे जितने भी सोशल मीडिया प्लेटफार्म हैं, इन्हें तैयार इस मकसद से किया गया था कि दुनिया के लोग एक-दूसरे से जुड़ सके और अपनी सोच एक दूसरे के साथ बांटें, लेकिन हाल के कुछ वर्षों में सोशल मीडिया लोगों के मिलने-मिलाने का मंच होने की बजाय नफरत फैलाने का सबसे बड़ा हथियार बन चुका है. जिससे भारत के मुसलमानों को रोज सामना करना पड़ रहा है.

अब तो फेसबुक ने भी ये स्वीकार कर लिया है कि उसका इस्तेमाल इस्लामोफोबिया (इस्लाम विरोधी अभियान) के लिए किया जा रहा है. फेसबुक ने श्रीलंका में 2018 में हुए भयंकर मुस्लिम विरोधी दंगों में अपनी भूमिका के लिए माफी मांगी है. खलीज टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, एक जांच में पाया गया है कि श्रीलंका में मुस्लिम विरोधी दंगे भड़काने में फेसबुक का खुल कर इस्तेमाल किया गया था.

आकलन रिपोर्ट में कहा है कि फेसबुक के पास दुनिया को एक साथ लाने का मंच है, लेकिन श्रीलंका में इस मंच का इस्तेमाल मानव अधिकारों का उल्लंघन करने के लिए किया गया. दंगे भड़कने से पहले, फेसबुक ऐसी सामग्री को वापस लेने में नाकाम रहा था, जिसके परिणामस्वरूप फेसबुक पर नफरत भरे भाषण और उत्पीड़न के अन्य रूप मौजूद थे, जो चारों तरफ फैल गये थे.

ये रिपोर्ट सामने आने के बाद फेसबुक ने ब्लूमबर्ग न्यूज को दिए एक बयान में कहा कि हमने अपने प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग को कम किया है. हम पहचानते हैं, और माफी मांगते हैं, बहुत ही वास्तविक मानवाधिकारों का प्रभाव पड़ता है.

बता दें कि 2018 श्रीलंका में दंगे भड़क उठे थे. क्योंकि मुस्लिम विरोधी गुस्सा सोशल मीडिया पर फूट पड़ा था, हालांकि श्रीलंका सरकार ने आपातकाल लागू करने और फेसबुक को ब्लॉक कर दिया था. जिसके बाद फेसबुक की भूमिका की जांच हुई, जिसमें ये पाया गया कि फेसबुक पर भड़काऊ सामग्री से मुसलमानों के खिलाफ हिंसा हो सकती है.

ये भी बता दें श्रीलंका में 2018 में हुए दंगे में कम से कम तीन लोग मारे गए और 20 घायल हुए थे. इस दौरान बहुत सारी मस्जिदों और मुस्लिम व्यवसायों को जला दिया गया.

फेसबुक ने दंगा भड़कने में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली है. माफी भी मांग ली है, लेकिन ऐसी परिस्थिति से निपटने के बारे में कुछ नहीं कहा है. भारत में भी इस्लाम और मुसलमानों के खिलाफ नफरत फैलाने के लिए फेसबुक का खुलेआम इस्तेमाल हो रहा है. लेकिन फेसबुक खामोश है. उसे सिर्फ भारतीय बाजार से पैसे कमाने की पड़ी है. यहां भी दंगे होने के बाद वो माफी मांग कर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर लेगा.

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