बीजेपी ने नेताजी के पोते को पद से हटाया, सीएए पर मोदी सरकार का किया था विरोध

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पैगाम ब्यूरोः जिस नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने देश की आजादी के लिए अपना सब कुछ कुर्बान कर दिया. जिनके बलिदान को देश कभी भी नहीं भूलेगा, उन्हीं महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस के पोते चंद्र कुमार बोस को बीजेपी ने पश्चिम बंगाल प्रदेश बीजेपी के उपाध्यक्ष के पद से हटा दिया है.

बीजेपी बड़े ही धूमधाम के साथ नेताजी के पोते को पार्टी में लेकर आयी थी, लेकिन बड़ी खामोशी से उन्हें पद से विदा कर दिया गया. उन्हें पद से हटाने का कोई कारण तो नहीं बताया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि पार्टी विरोधी स्टैंड के कारण उनसे उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी छीनी गयी है. दरअसल नेताजी के पोते चंद्र कुमार बोस ने पिछले साल नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) पर मोदी सरकार के खिलाफ आवाज उठायी थी.

पिछले साल 24 दिसंबर को सीएए और एनआरसी को लेकर कोलकाता में आयोजित बीजेपी की एक विशाल रैली के थोड़ी देर बाद ही नेताजी सुभाषचंद्र बोस के पोते और राज्‍य बीजेपी के उपाध्‍यक्ष चंद्र कुमार बोस ने इस कानून को लेकर सवाल उठाया था. उन्‍होंने ट्वीट कर सवाल किया था, “अगर सीएए किसी धर्म से जुड़ा नहीं है तो फिर क्‍यों हम सिर्फ हिंदू, सिख, बौद्ध, ईसाइयों, पारसियों और जैन की बात कर रहे हैं. क्‍यों मुस्लिमों को शामिल नहीं किया गया? हमें पारदर्शी बनना चाहिए.”

इसके बाद इस साल 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर चंद्र कुमार बोस ने सीएए का नाम लिए बगैर बीजेपी पर एक बड़ा हमला करते हुए कहा था कि देश एक ‘दूसरे विभाजन’ की तरफ बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि, “आज देश बिखर रहा है. मैं विस्तार में नहीं जा रहा हूं. लेकिन, आज भारत में समुदायों के बीच एकता नहीं है.” उन्होंने कहा कि सिर्फ उनके दादा की तरह की शख्सियत ही भारत को विघटित होने से बचा सकती है.

बता दें कि बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में 2021 के विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सोमवार को प्रदेश इकाई में बड़ा फेरबदल करते हुए आधे दर्जन से ज्यादा नेताओं को हटाते हुए नये नेताओं को अहम जिम्मेदारी सौंपी. पद से हटाये गये नेताओं में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के पोते चंद्र कुमार बोस हैं, जिन्हें प्रदेश उपाध्यक्ष के पद से हटा दिया है.

पश्चिम बंगाल बीजेपी की तरफ से जारी लिस्ट के मुताबिक, कुल 12 लोगों को प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली है. इनमें बैरकपुर से सांसद अर्जुन सिंह, बांकुड़ा से सांसद सुभाष सरकार, देबाशीश मित्र, राजकमल पाठक, रितेश तिवारी प्रमुख हैं. रितेश तिवारी अभी तक प्रदेश सचिव के तौर पर कार्य कर रहे थे. इसके अलावा कुल पांच नेताओं को प्रदेश महामंत्री बनाया गया है. जिनमें पुरुलिया से सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो, हुगली से सांसद लॉकेट चटर्जी, रथिन बसु, संजय सिंह, सयांतन बसु हैं.

इसके अलावा दस नेताओं को प्रदेश सचिव की जिम्मेदारी दी गयी है. इनमें विधायक सब्यसाची दत्ता, तुषार मुखर्जी, अरुण हल्दार, दीपांजन गुहा, विवेक सोनकर आदि शामिल हैं. सांसद सौमित्र खान को युवा मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है. इसी तरह मशहूर डिजाइनर अग्निमित्रा पॉल को महिला मोर्चा का अध्यक्ष और सांसद खगेन मुर्मू को एसटी मोर्चा का अध्यक्ष बनाया गया है.

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