इरफान पठान का छलका दर्दः मुसलमान होने के कारण सोसाइटी में घर नहीं मिलता

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पैगाम ब्यूरोः भारत में सदियों से विभिन्न धर्म के लोग आपस में मिलजुल कर रहते आये हैं. देश में हजारों सांप्रदायिक दंगे भी हुए हैं, लेकिन दंगों का असर एक सीमित वक्त ही रहता है. कुछ दिनों के बाद लोग सब भूल जाते हैं, लेकिन हाल के कुछ वर्षों में हालात बेहद बदल गये हैं. माहौल बेहद जहरीला और खौफनाक होता जा रहा है. नफरत की खाई बढ़ती जा रही है. खेल की दुनिया में देश का नाम रौशन करने वाले भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व तेज गेंदबाज इरफान पठान तक देश के इस बदलते माहौल से अछूते नहीं रह पाये हैं.

इन दिनों क्रिकेट की दुनिया में नस्लवाद का मुद्दा सुर्खियों में है. दरअसल, वेस्टइंडीज के पूर्व कप्तान डैरेन सैमी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर ये आरोप लगाया था कि जब वह आईपीएल की सनराइजर्स टीम का हिस्सा थे, तो उनके साथी खिलाड़ी उन्हें ‘कालू’ कहा करते थे. इरफान पठान ने उनकी इस बात का समर्थन किया है.

इरफान पठान ने इस बारे में कहा है कि मैं 2014 में वहां सैमी के साथ था. मुझे लगता है कि वास्तव में ऐसा हुआ होगा. इस मुद्दे पर चर्चा भी की गयी होगी, इसलिए मुझे ऐसी बातों की जानकारी नहीं है, क्योंकि बड़े पैमाने पर चर्चा नहीं की गयी होगी, लेकिन साथ ही, हमें अपने लोगों को शिक्षित करने की जरूरत है, क्योंकि मैंने घरेलू क्रिकेट में ऐसी टिप्पणियां करते हुए देखा है.

इसके साथ ही देश के मौजूदा माहौल पर टिप्पणी करते हुए इरफान पठान ने एक ट्वीट कर कहा,  “नस्लवाद किसी के रंग से जुड़ा हुआ ही नहीं है. किसी सोसायटी में धर्म देखकर घर ना खरीदने दिया जाए तो यह भी नस्लवाद का ही हिस्सा है.”

इरफान पठान के इस बयान से बवाल मच गया है. आईटी सेल के लोग उनके पीछे पड़ गये हैं. देश का मान बढ़ाने वाले इरफान पठान के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की जा रही है.

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