पोर्ट इलाके में वर्षों से खाड़ी हैं सैकड़ों गाड़ियां, मालिकों का नहीं है अता-पता

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पैगाम ब्यूरोः कोलकाता पोर्ट (बंदरगाह) एरिया बेहद व्यस्त इलाका है. यहां हमेशा माल ढोने वाली बड़ी-बड़ी गाड़ियों की भीड़ लगी रहती है. बंदरगाह होने के चलते हमेशा यहां माल ढोने वाली गाड़ियां का आना-जाना लगा रहता है. यहां गाड़ी पार्क करना भी एक बड़ी समस्या है. पार्किंग के मुद्दे पर कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट, पुलिस प्रशासन और स्थानीय लोगों में कई बार विवाद हो चुका है. अब एक नया मामला सामने आया है. जानकारी के मुताबिक पोर्ट इलाके में विभिन्न पार्किंग में ऐसी काफी गाड़ियां वर्षों से लावारिस पड़ी हुई हैं. जिनके मालिकों का कोई अता-पता नहीं है.

कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट के अधीन पार्किंग क्षेत्र में वर्षों से ऐसी गाड़ियों के खड़े होने का आरोप है, जिनके मालिकों का पता नहीं है. ऐसे ही एक पार्किंग एरिया वारसी ट्रेडर्स टर्मिनल के मालिक अहमद अली वारसी के मुताबिक उनके टर्मिनल में पिछले चार वर्षों से ऐसी सात गाड़ियां खड़ी हैं, जिनके मालिक अपनी गाड़ियों की खोज खबर तक नहीं ले रहे हैं.

अहमद अली वारसी ने कहा कि इन गाड़ियों के मालिकों को इस बारे में पत्र और फोन द्वारा खबर देने पर भी वह अपनी गाड़ियों को नहीं ले जा रहे है. इस संबंध में उन्होंने स्थानीय पुलिस को भी खबर दी है. लेकिन कहीं से किसी तरह की कोई मदद या खबर नहीं मिल रही है.

उन्होंने कहा कि वर्षों से गाड़ियों के बेकार में खड़े रहने से पार्किंग फीस के रुप में लाखों रुपया बाकी हो गया है, लेकिन एक पाई कहीं से नहीं मिल रही है. अहमद अली वारसी ने कहा कि वो बकाया राशी वसूलने के लिए जल्द ही जरूरी कार्रवाई करेंगे. जरूरत पड़ने पर सभी गाड़ियों को स्क्रेप (गाड़ियों को कचरे के रुप में बेचना) कर दीया जायेगा. लेकिन स्क्रेप करने से पहले एक बार गाड़ी मालिकों को खबर जरूर दी जायेगी.

ये समस्या सिर्फ वारसी ट्रेडर्स टर्मिनल की नहीं है. कोलकाता के पोर्ट इलाके के कई और पार्किंग एरिया के मालिक इस समस्या से परेशान है. सैकड़ों गाड़ियां वर्षों से खड़ी हैं, लेकिन मालिक उन्हें ले जाने का नाम ही नहीं ले रहे हैं. इससे उनका कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. पुलिस प्रशासन भी इस समस्या को दूर करने के लिए किसी तरह की मदद नहीं कर रहा है.

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