अमित शाह और अनुराग ठाकुर गैंग के कब्जे में है क्रिकेट बोर्ड

0
285

पैगाम ब्यूरोः लद्दाख की गालवान घाटी में चीनी सैनिकों के हाथों 20 भारतीय जवानों की शहादत से देश में चीन के खिलाफ गुस्सा उफान पर है. चीन और चीनी सामानों के बहिष्कार की मांग जोर पकड़ती जा रही है, लेकिन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) को लोगों की इस भावना की बिल्कुल भी कदर नहीं है. बीसीसीआई ने इंडिया प्रीमियर लीग (IPL) के मुख्य स्पांसर चीनी कंपनी VIVO के साथ करार तोड़ने से साफ मना कर दिया है.

बीसीसीआई के लिए देशप्रम से बड़ा पैसे का प्रेम है. इस प्रेम के चलते उसने VIVO के साथ करार तोड़ने से इनकार कर दिया है. क्रिकेट बोर्ड की इस हरकत पर जन अधिकार पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व सांसद पप्पू यादव ने कड़ा प्रहार किया है. उन्होंने आरोप लगाया है कि बीसीसीआई पर अमित शाह और अनुराग ठाकुर गैंग ने कब्जा कर रखा है. उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर बीसीसीआई ने VIVO के साथ करार खत्म नहीं किया तो बोर्ड के सभी अधिकारियों के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करायेंगे.

पप्पू यादव ने ट्वीट कर कहा, BCCI अमित शाह-अनुराग ठाकुर गैंग के कब्जे में है. अगर VIVO से करार रद्द नहीं किया गया. तो जय शाह, अरुण धूमल, सौरव गांगुली पर मैं देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करवाऊंगा!

चीनी कंपनी VIVO के साथ करार नहीं तोड़े जाने के लिए उन्होंने बीसीसीआई के कोषाध्यक्ष अरुण धूमल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा है. पप्पू यादव ने एक अन्य ट्वीट में कहा, BCCI के कोषाध्यक्ष अरुण धूमल ने कहा चीनी कंपनी से देश को फायदा, IPL में VIVO से करार नहीं तोड़ेंगे. अरुण धूमल के भाई वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर जी वही नारा एक फिर दुहराएं न प्लीज.
“देश के गद्दारों को गोली मारो सा…” जिसे मोदी जी भी सुन लें!

बता दें कि बीसीसीआई के सचिव जय शाह गृह मंत्री अमित शाह के बेटे हैं. जबकि कोषाध्यक्ष अरुण धूमल केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के भाई हैं. ये वही अनुराग ठाकुर हैं, जिन्होंने दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान देश के गद्दारों को गोली मारो सालों का नारा लगाया था.

ये भी बता दें कि बीसीसीआई को VIVO से सालाना 440 करोड़ रुपये मिलते हैं, जिसके साथ पांच साल का करार 2022 में खत्म होगा. VIVO के साथ करार तोड़ने के मुद्दे पर बीसीसीआई के कोषाध्यक्ष अरुण धूमल ने कहा है कि हमें समझना होगा कि हम चीन के हित के लिए चीनी कंपनी के सहयोग की बात कर रहे हैं या भारत के हित के लिए चीनी कंपनी से मदद ले रहे हैं. जब हम भारत में चीनी कंपनियों को उनके उत्पाद बेचने की अनुमति देते हैं, तो जो भी पैसा वे भारतीय उपभोक्ता से ले रहे हैं, उसमें से कुछ बीसीसीआई को ब्रांड प्रचार के लिए दे रहे हैं और बोर्ड भारत सरकार को 42 फीसदी टैक्स चुका रहा है. इससे भारत का फायदा हो रहा है, चीन का नहीं.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here