प्रधानमंत्री 5 किलो अनाज देकर बिहारियों के वोट का सस्ता सौदा कर रहे हैं

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पैगाम ब्यूरोः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राष्ट्र को संबोधित किया. अपने संबोधन में उन्होंने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को सितंबर से बढ़ा कर नवंबर तक करने की घोषणा की. इसके तहत अब देश के 80 करोड़ लोगों को नवंबर तक पांच किलो चावल या गेहूं और एक किलो चना का दाल दिया जायेगा. अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने भोजपुरी में भी बात की. बार-बार छठ पूजा का जिक्र किया. समझने वाले समझ गये कि प्रधानमंत्री का ये संबोधन राष्ट्र के नाम नहीं, बल्कि बिहार के वोटरों के नाम था, क्योंकि बिहार में अक्टूबर-नवंबर में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं.

महीने में 5 किलो अनाज के बल पर बिहार के वोटरों को आकर्षित करने की प्रधानमंत्री की इस कोशिश को विपक्ष अच्छी तरह भांप चुका है. जन अधिकार पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व सांसद पप्पू यादव ने प्रधानमंत्री की इस घोषणा पर जम कर निशाना साधा है.

पप्पू यादव ने ट्वीट कर कहा, प्रधानमंत्री आपदा में अवसर ढूंढ रहे हैं. पांच किलो अनाज देकर बिहारियों से वोट का सस्ता सौदा करना चाह रहे हैं.

पप्पू यादव ने चेतावनी देते हुए कहा, बिहारी अनाज भी लेंगे और इनका सियासी जनाजा भी शान से, धूमधाम से निकालेंगे.

बिहार विधानसभा चुनाव में मुफ्त राशन, रोजगार और लॉकडाउन एक बड़ा मुद्दा रहेगा. क्योंकि लॉकडाउन के दौरान सबसे ज्यादा प्रवासी मजदूर बिहार में ही लौटे हैं. लाखों बिहारी मजदूर लॉकडाउन में अपना काम-धंधा और रोजगार गंवा कर देश के विभिन्न शहरों से बिहार लौटे हैं. जिनका भविष्य अंधेरे में है. उनके लिए रोजगार की व्यवस्था करने के बजाय उन्हें महीने में 5 किलो अनाज देकर उनके गुस्से को ठंडा करने और उनका वोट हासिल करने की कोशिश शुरू हुई है.

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