रामदेव के करीबी बालकृष्ण ने कहा, हमने कभी भी कोरोना की दवा बनाने का दावा नहीं किया

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पैगाम ब्यूरोः एक झूठ को छिपाने के लिए कितने झूठ बोलने पड़ते हैं, इसकी मिसाल बाबा रामदेव, उनकी कंपनी पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड और बाबा के करीबी व पतंजलि के सीईओ आचार्य बालकृष्ण के बयानों से देखने को मिल रही है. रामदेव और बालकृष्ण ने पिछले मंगलवार को मीडिया के सामने ये दावा किया था कि उनकी दवा कोरोनिल से कोरोना शत प्रतिशत ठीक हो जायेगा. लेकिन जब उनके दावे की पोल खुलने लगी तो सभी अपने बयानों से मुकरने लगे हैं. अब तो दवा बनाने वाली कंपनी पतंजिल के सीईओ बालकृष्ण भी अपने दावे से मुकर गये हैं.

कोरोना की दवा कोरोनिल पर जारी नोटिस के जवाब में बाबा रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड ने कहा है कि कंपनी ने इस में किसी कानून का उल्लंघन नहीं किया है. कंपनी के सीईओ बालकृष्ण ने कहा है कि पतंजलि ने कभी नहीं कहा था कि कंपनी की कोरोनिल दवा से कोरोना वायरस का इलाज हो सकता है.

पतंजलि ने अपनी सफाई में ”कोरोना किट” नामक किसी भी दवा का उत्पादन करने और उसे कोरोना वायरस के इलाज के रूप में प्रचारित करने से भी इनकार किया है. झूठ को भी पानी-पानी कर देने वाला बयान जारी करते हुए पतंजलि ने कहा है कि उसने केवल दिव्य श्वासरी वटी, दिव्य कोरोनिल टैबलेट और दिव्य अणुतेल नाम की दवाइयों को एक पैकेजिंग कार्टन में पैक किया था ताकि उन्हें आसानी से बाहर भेजा जा सके.

नोटिस के जवाब में बाबा रामदेव की कंपनी ने कहा है कि उसने कोरोना किट नामक किसी भी किट को व्यावसायिक रूप से नहीं बेचा है और न ही इसे कोरोना के खिलाफ उपचार के रूप में प्रचारित किया है. पतंजलि ने कहा कि हमने मीडिया के सामने दवा के सफल परीक्षण को केवल प्रमोट किया है. जवाब में यह भी कहा गया है कि ये नोटिस मीडिया द्वारा तथ्यों को गलत तरीके से पेश करने का परिणाम है.
उत्तराखंड आयुर्वेदिक विभाग ने कहा कि वह पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड की शाखा दिव्य फार्मेसी द्वारा भेजे गये जवाब की जांच कर रहा है. विभाग के लाइसेंसिंग अधिकारी वाई. एस. रावत ने बताया कि सोमवार को जवाब मिलने के बाद एक औषधि निरीक्षक को कंपनी में भौतिक सत्यापन के लिए भेजा गया जहां उसे कोई कोरोना किट नहीं मिली.

रावत ने कहा कि हर किसी ने बाबा रामदेव को उत्पाद को कोरोना के लिए इलाज के रूप में दावा करते देखा है और उनकी कंपनी द्वारा भेजे गये उत्तर की अभी और जांच करने की आवश्यकता है.

बता दें कि पिछले मंगलवार 23 जून को बाबा रामदेव ने कोरोनिल नामक दवा लांच की थी. जिसके बारे में उन्होंने मीडिया के सामने दावा किया था कि इससे कोरोना पूरी तरह ठीक हो जायेगा. जिस पर उत्तराखंड आयुष विभाग ने पतंजलि को नोटिस जारी करते हुए उनसे इस संबंध में जवाब मांगा था.

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