24 घंटे में ही बीजेपी से हुआ मोहभंगः देश के मशहूर फुटबॉलर ने दिया पार्टी से इस्तीफा

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पैगाम ब्यूरोः बीजेपी पश्चिम बंगाल पर कब्जा करने का ख्वाब देख रही है. इस सपने को साकार करने के लिए भगवा पार्टी समाज के हर वर्ग और हर क्षेत्र के लोगों को अपने साथ जोड़ रही है, लेकिन उसके इस अभियान को उस वक्त एक बड़ा झटका लगा, जब भारत के बड़े फुटबॉलरों में से एक मेहताब हुसैन का सिर्फ 24 घंटे के अंदर ही बीजेपी से मोहभंग हो गया और उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया.

मेहताब हुसैन ने मंगलवार को बीजेपी ज्वायन की थी. बुधवार को अचानक उन्होंने बीजेपी से इस्तीफा दे दिया. देश के प्रीमियर फुटबॉल क्लब ईस्ट बंगाल और मोहन बागान में खेल चुके महताब ने अपना इस्तीफा पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष को भेज दिया है.

सिर्फ 24 घंटे के अंदर ही बीजेपी से विदा लेने के बारे में पूछे जाने पर देश के इस महान फुटबॉलर ने कहा कि उनका बीजेपी ज्वायन करना न उनके परिवार को पसंद आया और न ही फैंस को. जब से वो बीजेपी में शामिल हुए है, तब से उनके हजारों फैंस उन्हें फोन कर ताना मार रहे है. अपने परिवार और फैंस की भावनाओं का ख्याल रखते हुए आखिरकार उन्होंने बीजेपी से इस्तीफा देने का फैसला किया.

बता दें कि मंगलवार यानी 21 जुलाई को ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस का शहीद दिवस कार्यक्रम था. ममता बनर्जी को टक्कर देने के लिए बीजेपी ने उस दिन कई लोगों को अपनी पार्टी में शामिल किया. जिनमें फुटबॉलर मेहताब हुसैन भी शामिल थे.

पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष समेत राज्य बीजेपी के बड़े-बड़े नेताओं ने राज्य बीजेपी मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में मेहताब हुसैन का स्वागत किया. इस मौके पर मेहताब ने कहा कि उन्होंने खेल की दुनिया में तो काफी नाम कमाया है. अब वो समाज के लिए कुछ कहना चाहते हैं. इसके लिए उन्हें बीजेपी से बड़ा मंच नहीं मिल सकता है.

बता दें कि 34 वर्षीय मेहताब हुसैन पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के रहने वाले हैं. उन्होंने अपने फुटबॉल करियर की शुरूआत कोलकाता के टॉलीगंज अग्रागामी क्लब से की थी. इसके बाद उन्होंने मोहन बागान, ओएनजीसी और इस्ट बंगाल क्लबों का प्रतिनिधित्व किया. वो इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) में केरल ब्लास्टर्स और जमशेदपुर की टीम के लिए भी खेल चुके हैं. मिडफिल्ड की पोजिशन से खेलने वाले महताब हुसैन 2005 से 2015 तक भारतीय टीम के भी सदस्य रहे. 2015 में फुटबॉल से सन्यास लेने के बाद उन्होंने कोचिंग शुरू की. 2019 में उन्होंने सदर्न समिति क्लब के मैनेजर के रुप में अपने कोचिंग करियर की शुरूआत की.

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