लद्दाख और भूटान में घुसपैठ के जरिये दुनिया का रुख मांपने की कोशिश कर रहा है चीनः अमेरिका

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पैगाम ब्यूरोः अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पॉम्पिओ ने कहा है कि हाल ही में भारत के पूर्वी लद्दाख में बीजिंग की आक्रामकता और भूटान की जमीन पर दावा चीन के मंसूबे को दिखाता है. पॉम्पिओ ने जोर देकर कहा कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नेतृत्व में बीजिंग दुनिया को जांच रहा है कि कोई उसके खतरे और धमकी के सामने खड़ा होता है या नहीं.

गौरतलब है कि 5 मई से पूर्वी लद्दाख में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी)) पर चीनी सैनिक आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं. चीनी सैनिकों की आक्रामकता के कारण भारतीय सैनिकों के साथ हिंसक झड़प हुई थी, जिसमें 20 सैनिक शहीद हो गये थे. इसके अलावा चीन ने हाल ही में ग्‍लोबल इन्‍वायरमेंट फसिलिटी काउंसिल की 58वीं बैठक में भूटान के सकतेंग वन्‍यजीव अभयारण्य पर दावा करते हुए प्रॉजेक्ट के लिए फंडिंग का विरोध किया था.

अमेरिकी विदेश मंत्री पॉम्पिओ ने गुरुवार को कहा कि वे लगातार ऐसा कर रहे हैं, जिससे वे दशकों से दुनिया को संकेत दे रहे हैं, आप कह सकते हैं कि 1889 से, लेकिन निश्चित तौर पर जिनपिंग के सत्ता में आने के बाद से. अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि चीन अपनी शक्ति और पहुंच को बढ़ाना चाहता है.

पॉम्पिओ ने कहा कि वे चीनी विशेषता के साथ दुनिया में समाजवाद लाने की बात करते हैं. भूटान में जमीन पर जो उन्होंने दावा किया, भारत में जो घुसपैठ हुई, ये चीनी मंसूबे का इशारा है, वे जांच रहे हैं कि हम उनके खतरे और धमकी के खिलाफ खड़े होंगे या नहीं.

अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि मुझे आज एक साल पहले से अधिक विश्वास है कि दुनिया इसके लिए तैयार है. इसके लिए अभी बहुत काम करने की जरूरत है, और हमें इसके प्रति गंभीर होना होगा.

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