चीन ने पैंगोग झील पर्यटकों के लिए खोलाः कांग्रेस ने पूछाः 56 इंच वाले चौकीदार बताओ भारतीयों को लेना होगा वीजा?

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पैगाम ब्यूरोः भारत और चीन के बीच सीमा पर स्थिति बेहद गंभीर और तनावपूर्ण बनी हुई है. 45 साल में पहली बार चीन सीमा पर फायरिंग की घटना भी हो चुकी है. दोनों तरफ ही सैनिक तैयार बैठे हैं. इस तनातनी के बीच चीन ने लद्दाख के विख्यात पैंगोंग त्‍सो झील को अंतरराष्‍ट्रीय और घरेलू पर्यटकों के लिए खोल दिया है.

जानकारी के मुताबिक 29 और 30 अगस्‍त को चीन ने पैंगोंग झील के दक्षिणी हिस्‍से को पर्यटकों के लिए खोल दिया था. सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है. जिसमें चीनी पर्यटकों को पैंगोंग झील पर बोट की सैर करते हुए देखा जा सकता है.

वीडियो को ट्वीट कर कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने कहा कि एक भारतीय के रूप में इसे देखकर मेरा खून खौलता है. चीनी पर्यटक स्पष्ट रूप से पैंगॉन्ग त्सो में छुट्टियां मना रहे हैं. पीएम मोदी अभी भी चीन के झूठ के साथ समझौता कर रहे हैं कि भारतीय क्षेत्र में किसी भी तरह की घुसपैठ या कब्जे की घटना नहीं हुई है.

कांग्रेस नेता सलमान निजामी ने भी इस वीडियो को शेयर करते हुए ट्वीट कर कहा कि लद्दाख की पैंगोंग झील में चीनी पर्यटक. क्या कोई ’56 इंच’ के चौकीदार से पूछ सकता है कि क्या भारतीयों को अब पैंगोंग झील जाने के लिए वीजा की जरूरत है?

बता दें कि लद्दाख में स्थित पैंगोंग त्सो झील का एक चौथाई इलाका भारतीय क्षेत्र में स्थित है, जबकि बाकी चीन के हिस्से में है. इसी झील के उत्तरी किनारे पर स्थित फिंगर 4 को लेकर भारत और चीन के बीच विवाद शुरू हुआ था.
भारत का कहना है कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पैंगोंग झील के 15 किलोमीटर पश्चिम तक है. झील के उत्‍तरी किनारे पर बंजर पहाड़ियां हैं जिन्‍हें छांग छेनमो कहते हैं. इन पहाड़ियों के उभरे हुए हिस्‍से को ही सेना ‘फिंगर्स’ के तौर पर बुलाती है. भारत का दावा है कि एलएसी की सीमा फिंगर 8 तक है लेकिन वह फिंगर 4 तक के इलाके को ही नियंत्रित करती है. फिंगर 8 पर चीन के बॉर्डर पोस्‍ट्स हैं.

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