सांप्रदायिक सदभावना के मिसाल है बंगाल, जहां हिंदू-मुसलमान मिलकर मनाते हैं दुर्गा पूजा

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पैगाम ब्यूरोः पश्चिम बंगाल को मिनी भारत के रुप में जाना जाता है. बंगाल में सभी धर्म के लोग एक-दूसरे के सुख-दुख में शामिल होते हैं. मिलजुल कर बड़ी धूमधाम से हर त्योहार को मनाते हैं. लेकिन ये भाईचारा कुछ राजनीतिक दलों और कट्टरपंथियों की आंखों में खटक रही है. बंगाल को भी धर्म के नाम पर नफरत ते डगक में डूबोने की पूरी कोशिश की जा रही है, लेकिन बंगाल के आमलोगों ने इन कट्टरपंथियों एवं राजनीतिक पार्टियों को दरकिनार करते हुए एक नई मिसाल कायम की है.

राज्य के विश्व विख्यात दुर्गा पूजा में हिंदू-मुसलमानों के भाईचारा की असली झलक दिखाई दे रही हैं. राज्य के नादियाल इलाके में 13 दुर्गापूजा का आयोजन दोनों समुदाय के लोग मिलकर कर रहे हैं. गौरतलब है कि नादियाल में मुस्लिम बहुल इलाका है. वहां महज 20 फीसदी हिंदू रहते हैं. इलाके में सांप्रदायिक सदभाव बनाए रखने के लिए कुछ वक्त पहले पीस कमेटी (शांति कमेटी) का गठन किया गया था, जिसमें दोनों समुदाय के लोग शामिल हैं. यही कमेटी इलाके में 13 दुर्गापूजा का आयोजन कर रही है. पंडालों के निर्माण से लेकर प्रतिमाओं के विसर्जन तक का सारा कामकाज हिंदू-मुसलमान मिलकर कर रहे हैं.

कमेटी के सदस्य मोहम्मद वारिस ने कहा, ‘दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन सुव्यवस्थित तरीके से हो, इसके लिए प्रत्येक घाट पर मुस्लिम समुदाय के लोग तैनात रहेंगे. पूजा के दिनों में भी प्रत्येक पंडाल पर नजर रखी जाएगी. नादियाल इलाके के बदरतला की एक पूजा कमेटी के सचिव बीरबल गिरि ने कहा, ‘हम हिंदू-मुस्लिम एक हैं. साथ मिलकर पूजा का आयोजन करते हैं और खुशी मनाते हैं. सबको आपसी भेदभाव भूलकर यही करना चाहिए. पीस कमेटी की ओर से पंचमी के दिन इलाके के गरीब परिवारों में नए कपड़े भी बांटे जाएंगे.

पीस कमेटी के सदस्य मंसूर अली मोल्ला ने कहा, ‘दुर्गा पूजा बंगालियों का सबसे बड़ा त्योहार है. लॉकडाउन में सब पर काफी असर पड़ा है इसलिए हम सब मिलकर पूजा का आयोजन कर रहे हैं.’ पीस कमेटी के संयुक्त सचिव रूद्रेंद्र पाल ने कहा, ‘नादियाल में हिंदुओं की संख्या कम होने पर भी हमने कभी खुद को असुरक्षित महसूस नहीं किया. देवी दुर्गा समेत सभी प्रतिमाओं के केश मुसलमान भाई ही तैयार करते हैं और वही हमें लाकर देते हैं.’

बता दें कि कोरोना महामारी, लॉकडाउन और बदहाल आर्थिक स्थिति को देखते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सभी पूजा कमेटियों को आर्थिक अनुदान के रुप में 50-50 रुपये देने की घोषणा की है. मुख्यमंत्री के निर्देश पर पूजा कमेटियों को आर्थिक अनुदान देने का काम जोरशोर से चल रहा है.

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