बांग्लादेश का वीडियो पोस्ट कर दंगा भड़काने की कोशिश, पुलिस ने दर्ज किया केस

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पैगाम ब्यूरोः मघु पूर्णिमा किश्वर यूं तो खुद को शिक्षाविद और सामाजिक अधिकार कार्यकर्ता बताती हैं, लेकिन उनके इरादे और काम कुछ और ही कहानी बयान करते हैं. सोशल मीडिया पर फेक न्यूज और वीडियो पोस्ट कर समाज में तनाव बढ़ाने और दंगा भड़काना ही जैसे उनका लक्ष्य है, लेकिन इस बार वो फंस गई हैं.

मघु पूर्णिमा किश्वर ने बांग्लादेश में आयोजित एक इस्लामिक रैली को कोलकाता का बताकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है. जिस पर कोलकाता पुलिस ने सोमवार को उनके खिलाफ केस दर्ज कर लिया है. इस वीडियो में हजारों मुसलमान एक रैली में शामिल दिखाई दे रहे हैं. रैली में बांग्ला भाषा में गीत बज रहा है और बांग्लादेश के झंडे भी साफ नजर आ रहे हैं.

मधु किश्वर ने रविवार रात को इस वीडियो को ट्वीटर पर पोस्ट किया. उन्होंने वीडियो के साथ लिखा, ”कोलकाता में.” कोलकाता पुलिस के जॉइन कमिश्नर (क्राइम) मुरलीधर शर्मा ने कहा कि मधु किश्वर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. खुफिया विभाग के आईटी सेल को इस केस की जांच सौंपी गई है.

मधु किश्वर के इस वीडियो को फेक बताते हुए कोलकाता पुलिस ने ट्वीट कर कहा, ”फेक न्यूज अलर्ट, बांग्लादेश के एक वीडियो क्लिप को गलत तरीके से कोलकाता का बताया जा रहा है. कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है.

सुप्रीम कोर्ट के प्रसिद्ध वकील और कार्यकर्ता प्रशांत भूषण ने फर्जी वीडियो पोस्ट करने के चलते मधु किश्वर के खिलाफ केस दर्ज करने पर कोलकाता पुलिस की सराहना की है. उन्होंने कोलकाता पुलिस के पोस्ट को रीट्वीट करते हुए लिखा, “महान. इन फर्जी खबरों और नफरत फैलाने वाले खबरों को ध्यान में रखा जाना चाहिए. यह महिला एक सीरियल अपराधी है.”

वहीं तृणमूल कांग्रेस के लोकसभा सदस्य और पार्टी प्रवक्ता सौगत राय ने कहा कि हमलोग फर्जी खबरें फैलाने की इस कोशिश की कड़ी निंदा करते हैं. उन्होंने कहा कि यह लोग चाहे जितनी भी कोशिश कर लें, पश्चिम बंगाल के धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने को नष्ट नहीं किया जा सकता है.

बता दें कि यह पहली बार नहीं है कि जब मधु किश्वर ने बांग्लादेश के विवादस्पद वीडियो को भारत का बता कर पोस्ट किया है. वो इससे पहले भी कई बार बांग्लादेश के विवादास्पद वीडियो को भारत की घटना बता कर पोस्ट कर चुकी हैं.

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