मोदी की कुंभ मेला बंद करने की अपील, लेकिन बंगाल में चुनाव प्रचार रोकने के लिए नहीं तैयार

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पैगाम ब्यूरोः कोरोना वायरस की दूसरी लहर ने पूरे देश को चपेट में ले लिया है. हर तरफ हाहाकार मचा हुआ है. लाशें रखने के लिए जगह कम पड़ रही है. अस्पतालों ने हाथ खड़े कर दिये हैं. इस तांडव के लिए काफी हद तक हरिद्वार में चल रहे कुंभ मेले और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है.

कोरोना विस्फोट के बीच हरिद्वार में कुंभ मेला जारी है. जहां आस्था के नाम पर 30-40 लाख लोग रोजाना जमा हो रहे हैं और कोरोना नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए गंगा में डूबकी लगा रहे हैं. प्रशासन इन्हें रोकने के बजाय इनकी स्वागत में लगा हुआ है.

कोरोना तांडव के बीच कुंभ मेले की यह तस्वीर सामने आने के बाद दुनिया भर में भारत की थू-थू हो रही है. इस जगहंसाई के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संतों से अपील की है कि कोरोना संकट के चलते अब कुंभ को प्रतीकात्मक ही रखा जाए. सोच लें, देश में कोरोना भयावह रुप ले चुका है और देश का प्रधानमंत्री संतों से कुंभ मेले को प्रतीकात्मक रखने की अपील कर रहा है, जबकि उसे फौरन मेले को बंद करने का आदेश देना चाहिए था.

मोदी ने कुंभ को प्रतीकत्मक करने की अपील तो की है, लेकिन वो बंगाल में विधानसभा चुनाव के प्रचार अभियान को रोकने के लिए राजी नहीं है. मोदी और अमित शाह के लिए चुनाव जीतना ही सबसे अहम है. चाहे इसके चलते कोरोना से लोगों की जान जाती है तो जाये, इन्हें इसकी नहीं, सिर्फ चुनाव की परवाह है. इसलिए शनिवार को भी मोदी और अमित शाह बंगाल में धुंआधार प्रचार कर रहे हैं. जहां हजारों लोग बगैर मास्क पहने उनकी रैली में शामिल हुए हैं.

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